Wednesday, May 11, 2011

फगुआ-२

फगुआ में मुंह रंगायल तेहन सब लागि रहल छी 
जे चिन्ह्बा में देखबा सँ' नहि क्यौ आबि रहल छी 
मुदा कहू कहिया मनुक्ख चिन्ह्बा में आयल 
त' रंग अबीरक दोष किय' हम मानि रहल छी 

फगुआक नाम पर संगी सबकें भिजा देलहुं अछि 
कतेक बाल्टी पानि आइ सब हेरा देलहुं अछि 
मुदा कहू की नहि अकारणो नष्ट करै छी 
त' किय' दोष फगुआक माथ पर मढ़ी रहलहुं अछि 

बड़का-बड़का बोतल राखल सबहक दलान पर 
सब खा-पी क' अछि टुन्न भेल फगुआक नाम पर 
मुदा कहू पदवीक नशा की नहि रहैत अछि 
तखन किय' आक्षेप कहू पावनिक शान पर  
अपना प्रवित्ति में नहि सुधार क्यौ आनि रहल छी 
रंग अबीरक.................

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