Thursday, August 29, 2013

सुनू देश ई कानि रहल अछि

पिछरि- पिछरि क खसय रुपैया, महगी करबय ताता – थैया

अर्थशास्त्र केर बड़का बड़का  पंडित के ने गुदानि रहल अछि

                                                   सुनू देश ई कानि रहल अछि



सबतरि उत्पीड़न केर घटना, मुंबई, दिल्ली वा हो पटना
धंसल वासना केर दलदल में लोक, लाज नहीं मानि रहल अछि
                                    सुनू देश ई कानि रहल अछि


बेसी नेता चोर-उचक्का, तें उतरल अछि देशक चक्का

लुटबा लेल छुटपुजियो नेता सब क्यौ समय अकानि रहल अछि

                                                सुनू देश ई कानि रहल अछि




 

2 comments:

  1. bahut neek pryas aichh aditya ji.. deshak maujuda halat par bahut neek kataksh aichh.. :)

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद अभिनव भाई

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