पिछरि-
पिछरि क खसय रुपैया, महगी करबय ताता –
थैया
अर्थशास्त्र
केर बड़का बड़का पंडित के ने गुदानि रहल
अछि
सबतरि उत्पीड़न केर घटना, मुंबई, दिल्ली वा हो पटना
धंसल वासना केर दलदल में लोक, लाज नहीं मानि रहल अछि
सुनू देश ई कानि रहल अछि
बेसी नेता
चोर-उचक्का, तें उतरल अछि देशक चक्का
लुटबा लेल छुटपुजियो नेता सब क्यौ समय अकानि रहल अछि
bahut neek pryas aichh aditya ji.. deshak maujuda halat par bahut neek kataksh aichh.. :)
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद अभिनव भाई
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